शरद पूर्णिमा Sharad Purnima – Fri, 18 October 2013

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Maha Raas Lila by Lord Krishna on Sharad Purnima

Sharat Purnima Vrat: Fri, 18 October 2013

Sharad Poornima Snan Daan :October 18, 2013

आश्‍इवन मास की शुक्ल पक्ष की पूर्णिमा को शरद पूर्णिमा sharad Purnima कहते हैं। इसे रास पूर्णिमा Raas Poornima भी कहते हैं। सम्पूर्ण वर्ष में आश्विन मास की पूर्णिमा का चन्द्रमा ही षोडस कलाओं का होता है।

कहते हैं कि इस दिन चन्द्रमा अमृत की वर्षा करता है। शरद पूर्णिमा के दिन शाम को खीर, पूरी बनाकर भगवान को भोग लगाएँ । भोग लगाकर खीर को छत पर रख दें और रात को भगवान का भजन करें। चाँद की रोशन में सुईं पिरोएँ । अगले दिन खीर का प्रसाद सबको देना चाहिए ।

इस दिन प्रात:काल आराध्य देव को सुन्दर वस्त्राभूषणों से सुशोभित करें । आसन पर विराजमान कर गंध, अक्षत, पुष्प, धूप, दीप, नैवेध, ताम्बूल, सुपारी, दक्षिणा आदि से पूजा करनी चाहिए ।

Sarad Purnima (Kojagari Vrat) : Fri, 18 Oct 2013 (Delhi, India)

Kojagari Laxmi Puja Nishith Kaal Muhurta  :  23:41 to 24:30+* (18 Oct, Mid Night)

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This day is also known as ‘Kojaagari Vrat Purnima’.  Lakshmi, the goddess of wealth moves around in the night sky, asking `Ko jaagarti’ searching for people below who are awake. In Sanskrit, `Ko jaagarti’ means, ‘ Who is awake?’ And to those who are awake She gifts wealth.

भगवती महालक्ष्मी रात्रिमें यह देखनेके लिये घूमती हैं कि कौन जाग रहा है। जो जाग रहा है उसे धन देती हैं । लक्ष्मीजीके ‘को जागर्ति’ कहनेके कारण इस व्रतका नाम कोजागर पडा है।

इस दिन श्रीसूक्त, लक्ष्मीस्तोत्रका पाठ ब्राह्मणद्वारा कराकर कमलगट्टा, बेल या पंचमेवा अथवा खीरद्वारा दशांश हवन कराना चाहिये।

रात्रिके समय घृतपूरित और गन्ध-पुष्पादिसे पूजित एक सौ या यथाशक्ति अधिक दीपकोंको प्रज्वलित कर देवमन्दिरों, बाग-बगीचों, तुलसी, अश्वत्थवृक्षोंके नीचे तथा भवनोंमें रखना चाहिये ।

When to celebrate Sharad Purnima (Kojagari Vrat) in US, UK, Middle East, Asia, Australia, Africa?

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