माघमास-माहात्म्य और माघी पूर्णिमा

Magh Mas Snan (Holy Bath)

Jan 20, 2011 to Feb 18, 2011

पद्मपुराणके उत्तरखण्डमें माघमासके माहात्म्यका वर्णन करते हुए कहा गया है कि व्रत, दान और तपस्यासे भी भगवान्‌ श्रीहरिको उतनी प्रसन्नता नहीं होती, जितनी कि माघ महीनेमें स्न्नानमात्रसे होती है । इसलिये स्वर्गलाभ, सभी पापोंसे मुक्ति और भगवान्‌ वासुदेवकी प्रीति प्राप्त करने के लिये प्रत्येक मनुष्यको माघस्न्नान करना चाहिये।

जिन मनुष्यों को चिरकालतक स्वर्गलोकमें रहनेकी इच्छा हो, उन्हें माघमासमें सूर्यके मकरराशिमें स्थित होनेपर अवश्य स्न्नान करना चाहिये।

माघमासकी ऐसी विशेषता है कि इसमें जहाँ-कहीं भी जल हो, वह गंगाजल के समान होता है, फिर भी प्रयाग, काशी, नैमिषारण्य, कुरूक्षेत्र, हरिद्वार तथा अन्य पवित्र तीर्थों और नदियोंमें स्न्नानका बडा महत्व है।

Magh Mahina Major Snan Date (including Falgun Mas)

* Makara Sankranti Punya Snan – 14 January 2011

* Paush Purnima Punya snan – 19 January 2011

* Mauni Amavasya snan – 2 & 3 February 2011

* Basant Panchami snan – 8 February 2011

* Maghi Poornima snan – 18 February 2011

* Maha Shivratri snan – 3 March 2011


जो माघमासमें ब्राह्मणोंको तिल दान करता है, वह समस्त जन्तुओंसे भरे हुए नरक का दर्शन नहीं करता। (महा० अनु० ६६ । ८)

इस माघमासमें पूर्णिमाको जो व्यक्ति ब्रह्मवैवर्तपुराणका दान करता है, उसे ब्रह्मलोककी प्राप्ति होती है । (मत्स्यपुराण ५३ । ३५)


Related Blogs


    You Might Also Like:

    Leave a Reply


    *

    Enable Google Transliteration.(To type in English, press Ctrl+g)
    More in Customs and Traditions, Hinduism, Tirth Yatra (35 of 381 articles)