Stairway to Heaven (Swarg Ki Sidhi): Badrinathji





When to Go?

इस प्राचीन शहर तथा मंदिर जाने का सर्वोत्तम समय म‌ई से सितंबर के रहता है। यात्रा का मौसम म‌ई में शुरू होता है तथा अक्तूबर-नवंबर तक रहता है, पर मुख्यतः तीर्थयात्रियों की भीड़ जून में होती है तथा शहर में चहल-पहल हो जाती है। बरसात में यात्रा नहीं करें क्योंकि भूस्खलन की संभावना बहुत अधिक होती है। सितंबर से मौसम अनुकूल हो जाता है और सड़क पर यात्रा आसान हो जाती है।

Way to Badrinathji

Weather

नवंबर से अप्रैल-म‌ई तक लगभग शून्य डिग्री सेल्सियस तापमान होने के कारण बद्रीनाथ में बर्फ जमने से यह स्थान पहुंचने योग्य नहीं होता। मौसम म‌ई में अनुकूल होकर अक्तूबर के अंत या नवंबर के शुरू तक रहता है, जो दीवाली के त्योहार पर निर्भर रहता है। इस मौसम में तापमान 100 सेल्सियस से 17.5 सेल्सियस तक रहता है। दिन सुहावना रहता है, पर रात को ठंड रहती है। मौसम बदलने की संभावना होती है तथा गर्मी में भी एका‌एक ठंड आ जाती है।

How to Reach?

हवा‌ई मार्ग द्वारा: 317 किलोमीटर दूर देहरादून का जॉली ग्रांट निकटतम हवा‌ई अड्डा है।

रेल मार्ग द्वारा: 324 किलोमीटर दूर हरिद्वार, 297 किलोमीटर ऋषिकेश या 327 किलोमीटर दूर कोटद्वार तक पहुंचने के लि‌ए क‌ई गाड़ियां हैं।

सड़क मार्ग द्वारा: उक्त स्टेशनों से कहीं से भी बस या टैक्सी से यात्रा की जा सकती है। बद्रीनाथ का अंतिम 11 किलोमीटर खड़ी चढ़ा‌ई का रास्ता है।

देवदर्शिनी शहर में संपूर्ण बद्रीनाथ की घाटी का दृश्य दिखायी देता है जिसके अग्रभाग में मनोरम मंदिर है, नर और नारायण का जुडवां शिखर दोनों तरफ से इसका रक्षक तथा माथे पर सुशोभित मुकुट जैसा नीलकंठ है। उपयुक्त रूप से देवदर्शिनी में भगवान गणेश की एक प्रतिमा है जो बाधा‌ओं को दूर करने वाले विघन-विनाशक हैं।




You Might Also Like:

Comments are closed

More in Tirth Yatra (17 of 36 articles)