चारधाम यात्रा – Yatra to start from Door Opening of Yamunotri & Gangotri





Char Dham Yatra to Start from May 6, 2011

The Door  (Pat or Dwar) of Yamunotri, Gangotri will open on 6 May 2011

Door of Kedarnathji will open on 8 May 2011

&

Door of Badrinathji will open on 9 May 2011

Chardham Opening and Closing Ceremonies

The Kedarnath temple opens during the last week of April or the first week of May, depending on the day of Mahashivratri fixed by the priests of Ukhimath. It closes on the day after Diwali on Bhaiya Duj for six months when the Puja of Sri Kedarnath is performed by the Ukhimath priests at the Omkareshwar temple.

पूजा

भगवान शिव की पूजा केदारनाथ में सदाशिव की तरह होती है, जिन्होंने पांडवों से भागते हु‌ए भैंस के रूप में यहां शरण ली थी। निर्वाण दर्शन की सवेरे की पूजा में स्वाभाविक रूप में शिव पिंड की पूजा होती है जब घी और जल चढ़ाया जाता है। शाम को ऋंगार दर्शन की पूजा में पिंड को जेवरों तथा फूलों से सजाया जाता है जबकि ऊपर एक स्वर्णिम छाता लटकता रहता है। निर्वाण एवं ऋंगार दर्शन भक्तों में भक्ति जगाने का पार्थिव पूजा है। सवेरे की पूजा में शुभ प्रभात, बालयोग, महाभिषेक, रूद्राभिषेक, अष्टोत्तर शिव पूजा आदि शामिल होते हैं। शाम की पूजा में शिव अष्टोत्तर, शिव सहस्रानाम, शिव नामावली, शिव महिमास्रोत्र, एकांत सेवा आदि शामिल होते हैं।

मंदिर में केसरिया प्रसाद भात एवं दाल तथा खिचड़ी चढ़ाया जाता है (पहले यह कश्मीर के राजा द्वारा भेजा जाता था)। भगवान पर चढ़ाये जाने के बाद प्रसाद भक्तों के बीच बांट दिया जाता है। भगवान शिव को चढ़ाये जाने वाले अन्य प्रसाद कमल के फूल, रूद्राक्ष या छोटे चांदी के बेलपत्र या त्रिशूल हैं। केदारनाथ में विभिन्न पूजायें नहीं होती हैं, जहां भक्त प्रसादार्पण कर सकें। यहां सभी पूजा सामग्रियों सहित एक थाली चढ़ा‌ई जाती है तथा एक पंडा पूजा में तीर्थयात्रियों का मार्गदर्शन करता है।



You Might Also Like:

Leave a Reply


Enable Google Transliteration.(To type in English, press Ctrl+g)
More in Hinduism, Tirth Yatra (171 of 381 articles)