Shree Narsingh Chaturdashi: Jai Jai Narayan Narayan Hari Hari

Narsimha

श्रीनृसिंहचतुर्दशी

18 May 2008

स्वयंप्रकाश परमात्मा जब भक्तोंको सुख देनेके लिये अवतार ग्रहण करते हैं, तब वह तिथि और
मास भी पुण्यके कारण बन जाते हैं । जिनके नामका उच्चारण करनेवाला पुरुष सनातन मोक्षको प्राप्त होता है, वे परमात्मा कारणोंके भी कारण हैं। वे सम्पूर्ण विश्व्के आत्मा, विश्वस्वरुप, और सबके प्रभु हैं। वे ही भगवान भक्त प्रह्लाद्का अभीष्ट सिद्ध करनेके लिये नृसिंहरुपमें प्रकट हुए थे और जिस तिथिको भगवान नृसिंहका प्राकट्य हुआ था, वह तिथि महोत्सव बन गयी।

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