बहुला चतुर्थी Bahula Chaturthi (Bahula Chouth)

Bahula Chouth : Sunday, 9 August 2009

भाद्रपद मासके कृष्णपक्षकी चतुर्थी बहुला चतुर्थी Bahula Chaturthi या बहुला चौथ कहलाती है।

इस व्रतको पुत्रवती स्त्रीयाँ पुत्रोंकी रक्षाके लिये करती हैं। वस्तुत: यह गो-पुजाका पर्व है। सत्यवचनकी मर्यादाका पर्व है।

माताकी भाँति अपना दुध पिलाकर गौ मनुष्यकी रक्षा करती है, उसी कृतज्ञताके भावसे इस व्रतको सभीको करना चाहिये।

यह व्रत सन्तानका दाता तथा एश्वर्यको बढ़ानेवाला है।

Bahula Vrat Vidhan

इस दिन गायके दूधसे बनी हुई कोई भी सामग्री नहीं खानी चाहिये और गायके दूधपर उसके बछड़ेका अधिकार समझना चाहिये ।

इस दिन दिनभर व्रत करके सन्ध्या के समय सवत्सा गौकी पूजा की जाती है।

पूजनके बाद इस व्रतकी कथा सुनी जाती है ।

Vrat Katha in brief

द्वापरयुगमें भगवान्‌ श्रीकृष्ण द्वारा जंगलमें सिंहके रुपमें कामधेनु के अंशसे उत्पन्‍न गाय, जिसका नाम बहुला था, की परीक्षा और बहुला द्वारा बछडे को दूध पिलाकर सिंह के पास वापस लौटआनेका वचन निभाना और अपने वचन एवं सत्यधर्म का पालन करने की कथा है।

Astrology Service

You Might Also Like:

2 Comments

Leave a Reply


*

Enable Google Transliteration.(To type in English, press Ctrl+g)
More in Festivals and Celebrations, Hinduism (112 of 381 articles)