नवरात्रा में मन्त्र द्वारा केमद्रुम (Kemadruma) जैसे दोषों का करे निवारण

Kemadruma Yoga Cancellation

बाला त्रिपुरा मन्त्र

ऐं क्लीं सौः ।

यह मन्त्र तीन लाख जपने से सिद्ध होता है । इससे जीवन में पूर्ण समृद्धि, सफलता और अक्षय कीर्ति प्राप्त होती है। मूल रुप से यह तांत्रिक मन्त्र कहा गया है।

दुर्गाष्टाक्षर मन्त्र

ॐ ह्रीं दुं दुर्गायै नमः ।

एक लाख मन्त्र जपने से यह मन्त्र सिद्ध होता है तथा इस मन्त्र में अद्भुत शक्ति है। रोग-मुक्‍ति, वाक्‌ सिद्धि, शत्रुओं पर विजय और जीवन में पूर्ण सुख प्राप्त करने के लिए यह मन्त्र अचूक एवं सिद्धिदायक है।

जो साधनासे परिचित नहीं हैं वे इस मन्त्र का प्रयोग कर सकते है।

भैरवी गायत्री मन्त्र

ॐ त्रिपुरायै च विद्महे भैरव्यै च धीमहि,

तन्‍नो देवी प्रचोदयात्‌ ।

ऊपर वर्णित यह सभी मन्त्र जन्म कुंडली में स्थित केमद्रुम (Kemadruma) दोष जैसे कुप्रभाव वाले अनेक दोषों का नाश करने में सक्षम है।

Navarn Mantra नवार्ण मन्त्र

ॐ ऐं ह्रीं क्लीं चामुण्डायै विच्चे ।

इस मन्त्र के बिना देवी से संबंधित का कोई भी अनुष्ठान सफल एवं सिद्ध नहीं हो पाता ।

देवी के मन्त्र जाप के समय शुद्ध एवं पवित्र रहें ।

देवी के मन्त्र जाप में रुद्राक्षकी माला एवं रात्रि का समय उचित है।

Durgaashtakshar or Tripur Bhairvi Gayatri Mantra is recommended for “Grihasth” people.


You Might Also Like:

1 Comment

Leave a Reply


*

Enable Google Transliteration.(To type in English, press Ctrl+g)
More in Festivals and Celebrations, Mantra, Stotra & Stuti, Navratri : Durga Puja Special (57 of 186 articles)