Sri Krishna Janmashtami 2010 श्रीमद्भागवत , भविष्यपुराण, अग्नि आदि पुराणों के अनुसार भगवान् श्रीकृष्ण (Lord Krishna) का जन्म भाद्रपद कृष्ण अष्टमी , बुधवार , रोहिणी नक्षत्र एवं वृष के चन्द्रमा कालीन अर्धरात्रि के समय हुआ था | 1 September, बुधवार को ही श्रीकृष्ण जन्माष्टमी का कर्मकाल , अर्धरात्रि अष्टमी , वृषस्थ चन्द्र , चंद्रोदय काल , रोहिणी नक्षत्र एवं च बुधवार का महा संयोग है |
Shri Krishna Janmashtami Vrat : Thu, 2 Sep 2010 इस दिन केले के खंभे , आम अथवा अशोक के पल्लव आदि से घरका द्वार सजाया जाता है । दरवाजे पर मंगल कलश एवं मूसल स्थापित करे । रात्रिमें भगवान् श्रीकृष्ण की मूर्ति अथवा शालग्रामजी को विधिपूर्वक पंचामृत से स्नान कराकर षोडशोपचार से विष्णु पूजन करना चाहिऐ । ‘ ॐ नमो भगवते वासुदेवाय ‘ - इस मन्त्र से…..
Om Jai Jagadish Hare Aarti :: ॐ जय जगदीश हरे स्वामी जय जगदीश हरे भक्त जनों के संकट, दास जनों के संकट, क्षण में दूर करे || ॐ जय|| जो ध्यावे फल पावे, दुख बिनसे मन का स्वामी दुख बिनसे मन का…..
108 Names of Lord Sri Krishna::: Achala - Krishna Who is Still and Motionless, Achyuta - Krishna Who is Infallible, Adbhutah - Krishna Who is Opulant and Wondrous,Adidev - Krishna who is the God of gods and goddesses,Aditya - Krsna who is the Son Of Aditi, Ajanma - Krsna Who Is Infinite And…….
Govind Damodar Madhveti Stotra श्रीकृष्ण विष्णो मधुकैटभारे भक्तानुकम्पिन् भगवन् मुरारे । त्रायस्व माम् केशव लोकनाथ गोविंद दामोदर माधवेति ॥ ‘हे श्रीकृष्ण ! हे विष्णो ! हे मधुकैटभको मारनेवाले ! हे भक्तोंके ऊपर अनुकम्पा करनेवाले ! हे भगवन् ! हे मुरारे ! हे केशव ! हे लोकेश्वर ! हे गोविन्द ! हे दामोदर ! हे माधव ! मेरी रक्षा करो, रक्षा करो’ ॥२॥….