MahaLakshmi Ashtakam नमस्तेऽस्तु महामाये श्रीपीठे सुरपूजिते । शङ्खचक्रगदाहस्ते महालक्ष्मि नमोऽस्तुते ॥ १॥ नमस्ते गरुडारूढे कोलासुरभयङ्करि । सर्वपापहरे देवि महालक्ष्मि नमोऽस्तुते ॥ २॥ सर्वज्ञे सर्ववरदे सर्वदुष्टभयङ्करि । सर्वदुःखहरे देवि महालक्ष्मि नमोऽस्तुते ॥ ३॥
Kanakdhara Stotram श्री कनकधारास्तोत्रम् : O Goddess Lakshmi, consort of the Lotus-eyed Mahavishnu, direct your gaze filled with compassion at me, your devotee who am the poorest of the poor, so that I may become the true recipient of the benefits of your compassion…
Lakshmiji (laxmi) ki Aarti : सिन्धु सुता मैं सुमिरौ तोही । ज्ञान बुद्घि विघा दो मोही ॥ तुम समान नहिं कोई उपकारी । सब विधि पुरवहु आस हमारी ॥ जय जय जगत जननि जगदम्बा । सबकी तुम ही हो अवलम्बा ॥ तुम ही हो सब घट घट वासी । विनती यही हमारी खासी ॥ जगजननी जय सिन्धु कुमारी । दीनन की तुम हो हितकारी ॥
108 Names of Goddess Lakshmi (Laxmi) ॐ प्रकृत्यै नमः । ॐ विकृत्यै नमः । ॐ विद्यायै नमः । ॐ सर्वभूतहितप्रदायै नमः । ॐ श्रद्धायै नमः । ॐ विभूत्यै नमः । ॐ सुरभ्यै नमः । ॐ परमात्मिकायै नमः । ॐ वाचे नमः । ॐ पद्मालयायै नमः । ॐ पद्मायै नमः । ॐ शुचये नमः । ॐ स्वाहायै नमः । ॐ स्वधायै नमः । ॐ सुधायै नमः । ॐ धन्यायै नमः..
Narak Chaudash : Sat, 17 October 2009 (until 12.37 HRS) - The second day of Diwali is called Narak Chaturdasi. It is the fourteenth lunar day (thithi) of the dark forthnight of the month of Kartik and the eve of Diwali….