Home » Archive

Articles in the Mantra, Stotra & Stuti Category

Diwali : Lakshmi Puja Special, Festivals and Celebrations, Mantra, Stotra & Stuti »

[28 Oct 2008 | No Comment | ]

Kanakdhara Stotram श्री कनकधारास्तोत्रम् : O Goddess Lakshmi, consort of the Lotus-eyed Mahavishnu, direct your gaze filled with compassion at me, your devotee who am the poorest of the poor, so that I may become the true recipient of the benefits of your compassion…

Diwali : Lakshmi Puja Special, Festivals and Celebrations, Mantra, Stotra & Stuti »

[27 Oct 2008 | No Comment | ]

108 Names of Goddess Lakshmi (Laxmi) ॐ प्रकृत्यै नमः । ॐ विकृत्यै नमः । ॐ विद्यायै नमः । ॐ सर्वभूतहितप्रदायै नमः । ॐ श्रद्धायै नमः । ॐ विभूत्यै नमः । ॐ सुरभ्यै नमः । ॐ परमात्मिकायै नमः । ॐ वाचे नमः । ॐ पद्मालयायै नमः । ॐ पद्मायै नमः । ॐ शुचये नमः । ॐ स्वाहायै नमः । ॐ स्वधायै नमः । ॐ सुधायै नमः । ॐ धन्यायै नमः..

Diwali : Lakshmi Puja Special, Festivals and Celebrations, Mantra, Stotra & Stuti »

[27 Oct 2008 | No Comment | ]

MahaLakshmi Ashtakam नमस्तेऽस्तु महामाये श्रीपीठे सुरपूजिते । शङ्खचक्रगदाहस्ते महालक्ष्मि नमोऽस्तुते ॥ १॥ नमस्ते गरुडारूढे कोलासुरभयङ्करि । सर्वपापहरे देवि महालक्ष्मि नमोऽस्तुते ॥ २॥ सर्वज्ञे सर्ववरदे सर्वदुष्टभयङ्करि । सर्वदुःखहरे देवि महालक्ष्मि नमोऽस्तुते ॥ ३॥

Diwali : Lakshmi Puja Special, Festivals and Celebrations, Mantra, Stotra & Stuti »

[27 Oct 2008 | No Comment | ]

Lakshmiji (laxmi) ki Aarti : सिन्धु सुता मैं सुमिरौ तोही । ज्ञान बुद्घि विघा दो मोही ॥ तुम समान नहिं को‌ई उपकारी । सब विधि पुरवहु आस हमारी ॥ जय जय जगत जननि जगदम्बा । सबकी तुम ही हो अवलम्बा ॥ तुम ही हो सब घट घट वासी । विनती यही हमारी खासी ॥ जगजननी जय सिन्धु कुमारी । दीनन की तुम हो हितकारी ॥

Festivals and Celebrations, Mantra, Stotra & Stuti, Navratri : Durga Puja Special »

[30 Sep 2008 | No Comment | ]

ॐ जय त्वं देवि चामुण्डे जय भूतापहारिणि । जय सर्वगते देवि कालरात्रि नमोऽस्तु ते ॥ १॥ जयन्ती मङ्गला काली भद्रकाली कपालिनी । दुर्गा शिवा क्षमा धात्री स्वाहा स्वधा नमोऽस्तु ते ॥ २॥ मधुकैटभविध्वंसि विधातृवरदे नमः । रूपं देहि जयं देहि यशो देहि द्विषो जहि ॥ ३॥…

Festivals and Celebrations, Mantra, Stotra & Stuti, Navratri : Durga Puja Special »

[29 Sep 2008 | No Comment | ]

१) दुर्गा २) दुर्गार्तिशमनी ३) दुर्गापद्विनिवारिणी ४) दुर्गमच्छेदिनी ५) दुर्गसाधिनि ६) दुर्गनाशिनी ७) दुर्गतोद्धारिणी ८) दुर्गनिहन्त्रि ९) दुर्गमापहा १०) दुर्गमज्ञानदा ११) दुर्गदैत्यलोकदवानला १२) दुर्गमा १३) दुर्गमालोका १४) दुर्गमात्मस्वरुपिणी १५) दुर्गमार्गप्रदा…

Festivals and Celebrations, Mantra, Stotra & Stuti, Navratri : Durga Puja Special »

[29 Sep 2008 | No Comment | ]

विन्ध्येश्‍वरी स्तोत्र Vindheyshwari Stotram

JAI MATA DI

Festivals and Celebrations, Mantra, Stotra & Stuti, Navratri : Durga Puja Special »

[28 Sep 2008 | No Comment | ]

बाला त्रिपुरा मन्त्र - ऐं क्लीं सौः । यह मन्त्र तीन लाख जपने से सिद्ध होता है । इससे जीवन में पूर्ण समृद्धि, सफलता और अक्षय कीर्ति प्राप्त होती है। मूल रुप से यह तांत्रिक मन्त्र कहा गया है।…Durgaashtakshar or Tripur Bhairvi Gayatri Mantra is recommended for “Grihasth” people…

Festivals and Celebrations, Mantra, Stotra & Stuti, Navratri : Durga Puja Special »

[28 Sep 2008 | No Comment | ]

नमो नमो दुर्गे सुख करनी । नमो नमो अम्बे दुःख हरनी ॥ निराकार है ज्योति तुम्हारी । तिहूं लोक फैली उजियारी ॥ शशि ललाट मुख महा विशाला । नेत्र लाल भृकुटी विकराला ॥ रुप मातु को अधिक सुहावे । दरश करत जन अति सुख पावे ॥ तुम संसार शक्ति लय कीना । पालन हेतु अन्न धन दीना ॥….

Festivals and Celebrations, Mantra, Stotra & Stuti, Navratri : Durga Puja Special »

[28 Sep 2008 | No Comment | ]

जय अम्बे गौरी, मैया जय श्यामा गौरी । तुमको निशदिन ध्यावत, हरि ब्रह्मा शिवरी ॥ टेक ॥ मांग सिंदूर विराजत, टीको मृगमद को । उज्जवल से दो‌उ नैना, चन्द्रबदन नीको ॥ जय 0.. कनक समान कलेवर, रक्ताम्बर राजै । रक्त पुष्प गलमाला, कण्ठन पर साजै ॥ जय0..केहरि वाहन राजत, खड़ग खप्परधारी । सुर नर मुनिजन सेवक, तिनके दुखहारी ॥ जय 0….

Festivals and Celebrations, Mantra, Stotra & Stuti, Navratri : Durga Puja Special »

[27 Sep 2008 | No Comment | ]

ॐ सर्व मंगल मांगल्ये शिवे सर्वार्थ साधिके । शरण्ये त्र्यंबके गौरी नारायणी नमोस्तुते ॥नमो देव्यै महादेव्यै शिवायै सततं नमः । नमः प्रकृत्यै भद्रायै नियताः प्रणताः स्म ताम् ॥ ॐ ऐं ह्रीं क्लीं चामुण्डायै विच्चे ।…

Mantra, Stotra & Stuti, Shri Krishna Janmashtami 2008 »

[6 Sep 2008 | No Comment | ]

|| श्री राधायाः परीहारस्तोत्रम् ॥ त्वं देवी जगतां माता विष्णुमाया सनातनी । कृष्णप्राणाधिदेवि च कृष्णप्राणाधिका शुभा ॥ १॥
कृष्णप्रेममयी शक्तिः कृष्णसौभाग्यरूपिणी । कृष्णभक्तिप्रदे राधे नमस्ते मङ्गलप्रदे ॥ २॥ अद्य मे सफलं जन्म जीवनं सार्थकं मम ।
पूजितासि मया सा च या श्रीकृष्णेन् पूजिता ॥ ३॥…

Ganpati Festival (Ganesh Chaturthi) 2008, Mantra, Stotra & Stuti »

[3 Sep 2008 | No Comment | ]

Shri Ganesh (Ganpati) Arti :: श्रीगणेशजी की आरती:: गणपति की सेवा मंगल मेवा सेवा से सब विघ्न टरै । तीन लोक तैतिस देवता द्वार खडे सब अरज कारै ॥ रिद्धी सिद्धी दक्षिण वाम विराजे ,अरु आंनद से चवँर ढ़ुले । धूप दीप और लिये आरती भक्त खडे जयकार करे ॥ गणपति की…गुड के मोदक भोग लगे हैं,मुषक वाहन चढ़ा करैं । सौम्यरुप सेवा गणपति की ,विघ्न भाग जा दूर पडे ॥ गणपति की…