Archive | Navratri : Durga Puja Special RSS feed for this section

Kumari Kanya Pujan -Why Worship Virgin Girl?

Every year Hindus enthusiastically observe a nine day Navratra (Nine Holy Nights). This nine day period is dedicated to Goddess Durga, whose nine dimensions are celebrated one each day. It is a nine day stretch when a devotee sticks religiously to vegetarian diet…

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Nav Durga

Durga Mahashtmi-Chandi Homam : Havan Samagri & Vidhi

Mahachandi Hawan – नवरात्रों में पूजा के साथ साथ देवी के निमित्त हवन करने का विशिष्ट महत्व है और सर्वकामना पूरक माना जाता है इस हवन को | यद्धपि अधिकांश परिवारों में जलते हुए कंडे पर लौंग के जोड़े, गुग्गल, घी और हवन सामग्री डालकर ही देवी की ज्योति जलाई जाती है |

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रामनवमी : Jai Siya Ram, Jai Jai Shri Ram

Ram Navami : 8 April 2014 || मंगल भवन अमंगल हारी, दॄवहुसु दशरथ अजिर बिहारि ॥ चैत्र शुक्ल नवमी का धार्मिक दृष्टि से विशेष महत्व है। आज ही के दिन तेत्रा युग में रघुकुल शिरोमणि महाराज दशरथ एवं महारानी कौशल्या के यहाँ अखिल ब्रम्हांड नायक अखिलेश ने पुत्र के रूप में जन्म लिया था। रामजन्म के कारण ही चैत्र शुक्ल नवमी को रामनवमी कहा जाता है। रामनवमी के दिन ही गोस्वामी तुलसीदास ने रामचरित मानस की रचना का श्रीगणेश किया था। Ram Navami is commemorated in Hindu households by puja (prayer).

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ghatsthapan

Chaitra Navratra 2014 – Ghatsthapan Muhurta for World Cities

Chaitra (Basant) Navratri Ghatsthapan Muhurta for International Cities Navratra Kalash Sthapan – Ghatsthapan Auspicious Time on Mon, 31 March 2014 Note: 1. Alternatively you can start Navratri Puja during Abhijit Muhurta within Pratipada Tithi. 2. It is highly advisable to perform Ghatsthapana Puja within Pratipada Tithi. 3. If possible, Skip Rahu Kal of the day.

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Ghatasthapana कलश स्थापना – Mon, 31 March 2014 (9:22am to 10:53am IST)

GhatSthapan – Kalashsthapana Subh Muhurta : The first day of Navratra is called Ghatasthapana, which literally means pot establishing. On this day the kalash, (holy water vessel) symbolising Goddess Durga often with her image embossed on the side is placed in the prayer room. The kalash is filled with holy water and covered with cowdung on to which….

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Chaitra Navratri 2014 – चैत्र (वासन्ती) नवरात्र

Chaitra Navratri 2014 (Ghatsthapana) : Mon, 31 March घटस्थापनका समय ’ प्रातःकाल ’ है । वर्ष के चार नवरात्रों में दो मुख्य चैत्र और आश्विन के नवरात्र हैं। इनमें भी चैत्र नवरात्र की अपनी विशिष्टता और महत्ता है। इसकी विशिष्टता का कारण इस अवधि में सूक्ष्म वातावरण में दिव्य हलचलों का होना है। ये चैत्र, आषाढ़, आश्विन और माघकी शुक्ल प्रतिपदासे नवमीतक नौ दिनके होते हैं; परंतु प्रसिद्धिमें चैत्र और आश्विनके नवरात्र ही मुख्य माने जाते हैं । इनमें भी देवीभक्त आश्विनके नवरात्र आधिक करते हैं । इनको यथाक्रम वासन्ती और शारदीय कहते हैं । इनका आरम्भ चैत्र और आश्विन शुक्ल प्रतिपदाको होता है । अतः यह प्रतिपदा ’ सम्मुखी ’ शुभ होती है ।

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Kalika Ashtakam श्री कलिकाष्टकम् : गलद्रक्तमुण्डावलीकण्ठमाला

Kalika Ashtakam श्री कलिकाष्टकम् – ध्यान गलद्रक्तमुण्डावलीकण्ठमाला महोघोररावा सुदंष्ट्रा कराला । विवस्त्रा श्मशानालया मुक्तकेशी महाकालकामाकुला कालिकेयम् ॥१॥भुजेवामयुग्मे शिरोऽसिं दधाना
वरं दक्षयुग्मेऽभयं वै तथैव । सुमध्याऽपि तुङ्गस्तना भारनम्रा लसद्रक्तसृक्कद्वया सुस्मितास्या ॥२॥ शवद्वन्द्वकर्णावतंसा सुकेशी

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Lord Kaal Bhairava : The Guardian of the Temples

Lord Bhairav is an fierce incarnation of Lord Shiva.The term Bhairava means “Terrific”. He is often depicted with frowning, angry eyes and sharp, tiger’s teeth and flaming hair, stark naked except for garlands of skulls and a coiled snake about his neck. In his four hands he carries a noose, trident, drum, and skull. He is often shown accompanied by a dog. Lord bhairav’s worship is very useful to win over your enemies, success and all materialistic…

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Lord Shiva & Ma Durga New

श्रीदुर्गाष्टोत्तरशतनामस्तोत्रम् – संस्कृत एवं सरल हिंदी में

शंकरजी पार्वतीजी से कहते हैं- कमलानने! अब मैं अष्टोत्तरशत (१०८) नाम का वर्णन करता हूँ, सुनो; जिसके प्रसाद (पाठ या श्रवण) मात्र से परम साध्वी भगवती दुर्गा प्रसन्न हो जाती हैं – सती, साध्वी, भवप्रीता (भगवान् शिव पर प्रीति रखनेवाली), भवानी, भवमोचनी (संसार बन्धन से मुक्त करनेवाली), आर्या, दुर्गा, जया, आद्या..

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Durga Ashtottara Shatanamavali Stotram – 108 Names of Ma Durga (English)

Durga Ashtottara Shatanamavali Stotram – Lord Shiva narrates to Mata Parvati the 108 names of Durga Mata by the means of which Durga or Sati can be pleased. Sati, the daughter of Dakṣa; 2) Sadhvi, the Sanguine; 3) Bhavaprita, loved by the universe;

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