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Tulsi Ashtotar Naamvali – तुलसी अष्टोत्तर नामावलि

Tulasi Ashtotar Naamvali ।। तुलसी अष्टोत्तरशत नामावलिः ।। ॐ श्री तुलस्यै नमः | ॐ नन्दिन्यै नमः । ॐ देव्यै नमः । ॐ शिखिन्यै नमः । ॐ धारिण्यै नमः । ॐ धात्र्यै नमः । ॐ सावित्र्यै नमः ।
ॐ सत्यसन्धायै नमः । ॐ कालहारिण्यै नमः । ॐ गौर्यै नमः । ॐ देवगीतायै नमः । ॐ द्रवीयस्यै नमः ।
ॐ पद्मिन्यै नमः । ॐ सीतायै नमः । ॐ रुक्मिण्यै नमः ।..

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Kalika Ashtakam श्री कलिकाष्टकम् : गलद्रक्तमुण्डावलीकण्ठमाला

Kalika Ashtakam श्री कलिकाष्टकम् – ध्यान गलद्रक्तमुण्डावलीकण्ठमाला महोघोररावा सुदंष्ट्रा कराला । विवस्त्रा श्मशानालया मुक्तकेशी महाकालकामाकुला कालिकेयम् ॥१॥भुजेवामयुग्मे शिरोऽसिं दधाना
वरं दक्षयुग्मेऽभयं वै तथैव । सुमध्याऽपि तुङ्गस्तना भारनम्रा लसद्रक्तसृक्कद्वया सुस्मितास्या ॥२॥ शवद्वन्द्वकर्णावतंसा सुकेशी

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गजेन्द्र मोक्ष कथा – सब प्रकार के रूप धरनेवाले, वाणी और मन से परे रहनेवाले हे ईश्वर ! ऐसे अनाथों की रक्षा करनेवाली जिम्मेदारी तुम्हारी ही है न?

Gajendra had the memory of his previous birth fresh. So concentrating his mind in the beautiful appearance of God, he began to pray, “I take refuge at God, who is the base of the entire world, who is the ultimate refuge for everyone

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Maa Annapurna Stotram: अन्नपूर्णा स्तोत्रम् – नित्यानन्दकरी वराभयकरी सौन्दर्यरत्नाकरी

Maa Annapurna Stotram (अन्नपूर्णा स्तोत्रम्) : Nityananda Kari Varabhaya Kari नित्यानन्दकरी वराभयकरी सौन्दर्यरत्नाकरी निर्धूताखिलघोरपावनकरी प्रत्यक्षमाहेश्वरी ।प्रालेयाचलवंशपावनकरी काशीपुराधीश्वरी भिक्षां देहि कृपावलम्बनकरी मातान्नपूर्णेश्वरी ॥१॥

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Suryashtakam: आदिदेव नमस्तुभ्यं

सूर्याष्टकम् – Suryashtakam (Adi Deva Namastubhyam ): आदिदेव नमस्तुभ्यं प्रसीद मम भास्कर । दिवाकर नमस्तुभ्यं प्रभाकर नमोऽस्तु ते ॥१॥ सप्ताश्वरथमारूढं प्रचण्डं कश्यपात्मजम् ।

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PRADOSH VRAT – Worship of Lord Shiva for Victory & Success

PRADOSH VRAT is the worship of Lord Shiva and Parvati when they both are in an extremely propitious mood. Repeatedly worsted in war by the demons, the gods approached Lord Shiva to bless them with a leader for their celestial hosts. They came to the Lord at twilight on the thirteenth day of the lunar fortnight

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Ekadashi Vrat (एकादशी व्रत) Date 2013-2014

Scriptures recommend observing an (ideally waterless) fast from sunrise on the day of Ekadashi to sunrise on the day following Ekadashi. Two Ekadashis occur in one month according to positions of the moon.

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शनि अष्टोत्तरशतनामावलिः 108 Names of Shani Dev

||शनि अष्टोत्तरशतनामावलिः ॥ शनि बीज मन्त्र – Shani Beej Mantra – ॐ प्राँ प्रीं प्रौं सः शनैश्चराय नमः ॥ ॐ शनैश्चराय नमः ॥ ॐ शान्ताय नमः ॥ ॐ सर्वाभीष्टप्रदायिने नमः ॥ ॐ शरण्याय नमः ॥ ॐ वरेण्याय नमः ॥ ॐ सर्वेशाय नमः ॥ ॐ सौम्याय नमः ॥ ॐ सुरवन्द्याय नमः ॥ ॐ सुरलोकविहारिणे नमः ॥ ॐ सुखासनोपविष्टाय नमः ॥ ॐ सुन्दराय नमः ॥ ॐ घनाय नमः ॥ ॐ घनरूपाय नमः ॥ ॐ घनाभरणधारिणे नमः ॥ ॐ घनसारविलेपाय नमः ॥…..

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Uttarayana and Dakshinayana : The Day and Night of Gods

Uttarayana and Dakshinayana – While humans pass through uttarayana, the gods pass through only one day. Similarly. when humans pass through dakshinayana, the gods pass through merely one night. One year for humans is equivalent to a time span of one day and one night for the gods…

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महायोगीश्वर,अवधूत प्रवर,आदिगुरु परमहंस : भगवान्‌ श्री दत्तात्रेयजी

Dattatreya Jayanti 2013 – Mon, 16 December : The four dogs of Dattatreya are the embodiments of the four Vedas. महायोगीश्वर दत्तात्रेयजी भगवान्‌ विष्णुके अवतार हैं। इनका अवतरण मार्गशीर्ष पूर्णिमाको प्रदोषकाल में हुआ था। अत: इस दिन बडे समारोहसे दत्तजयन्तीका उत्सव मनाया जाता है । Behind the Lord Dattatreya is the cow named Kamadhenu. This divine cow grants the wishes and desires of all those who seek the Lord. गिरनारक्षेत्र् श्री दत्तात्रेयजी का सिद्धपीठ् है। इनकी चरणपादुकाएँ वाराणसी तथा आबूपर्वत् आदि कई स्थानों पर् हैं।

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