Kanakdhara Stotram श्री कनकधारास्तोत्रम् : O Goddess Lakshmi, consort of the Lotus-eyed Mahavishnu, direct your gaze filled with compassion at me, your devotee who am the poorest of the poor, so that I may become the true recipient of the benefits of your compassion…
108 Names of Goddess Lakshmi (Laxmi) ॐ प्रकृत्यै नमः । ॐ विकृत्यै नमः । ॐ विद्यायै नमः । ॐ सर्वभूतहितप्रदायै नमः । ॐ श्रद्धायै नमः । ॐ विभूत्यै नमः । ॐ सुरभ्यै नमः । ॐ परमात्मिकायै नमः । ॐ वाचे नमः । ॐ पद्मालयायै नमः । ॐ पद्मायै नमः । ॐ शुचये नमः । ॐ स्वाहायै नमः । ॐ स्वधायै नमः । ॐ सुधायै नमः । ॐ धन्यायै नमः..
MahaLakshmi Ashtakam नमस्तेऽस्तु महामाये श्रीपीठे सुरपूजिते । शङ्खचक्रगदाहस्ते महालक्ष्मि नमोऽस्तुते ॥ १॥ नमस्ते गरुडारूढे कोलासुरभयङ्करि । सर्वपापहरे देवि महालक्ष्मि नमोऽस्तुते ॥ २॥ सर्वज्ञे सर्ववरदे सर्वदुष्टभयङ्करि । सर्वदुःखहरे देवि महालक्ष्मि नमोऽस्तुते ॥ ३॥
Lakshmiji (laxmi) ki Aarti : सिन्धु सुता मैं सुमिरौ तोही । ज्ञान बुद्घि विघा दो मोही ॥ तुम समान नहिं कोई उपकारी । सब विधि पुरवहु आस हमारी ॥ जय जय जगत जननि जगदम्बा । सबकी तुम ही हो अवलम्बा ॥ तुम ही हो सब घट घट वासी । विनती यही हमारी खासी ॥ जगजननी जय सिन्धु कुमारी । दीनन की तुम हो हितकारी ॥
For the worship of Lakshmi, there is no hymn equal to the Sri Sukta. The letters, syllables and words in the fifteen verses of Sri Sukta, collectively form the sound body of Lakshmi, the presiding deity of this Hymn.