महायोगीश्वर दत्तात्रेयजी भगवान् विष्णुके अवतार हैं। इनका अवतरण मार्गशीर्ष पूर्णिमाको प्रदोषकाल में हुआ था। अत: इस दिन बडे समारोहसे दत्तजयन्तीका उत्सव मनाया जाता है । The four dogs of Dattatreya are the embodiments of the four Vedas. Behind the Lord Dattatreya is the cow named Kamadhenu. This divine cow grants the wishes and desires of all those who seek the Lord. गिरनारक्षेत्र् श्री दत्तात्रेयजी का सिद्धपीठ् है। इनकी चरणपादुकाएँ वाराणसी तथा आबूपर्वत् आदि कई स्थानों पर् हैं।
कृष्ण मन्त्र (Krishna Mantra) :: ॐ क्लीं कृष्णाय गोविंदाय गोपीजन वल्लभाय स्वाहा । ॐ देवकी नन्दनाय विद्महे वासुदेवाय धीमहि, तन्नो कृष्णः प्रचोदयात् । श्रीकेशवाय नमः । नारायणाय नमः । माधवाय नमः । गोविंदाय नमः । विष्णवे नमः । मधुसूदनाय नमः ।…..
Om Jai Jagadish Hare Aarti :: ॐ जय जगदीश हरे स्वामी जय जगदीश हरे भक्त जनों के संकट, दास जनों के संकट, क्षण में दूर करे || ॐ जय|| जो ध्यावे फल पावे, दुख बिनसे मन का स्वामी दुख बिनसे मन का…..
देवशयनी एकादशी (21 जुलाई) से लेकर कार्तिक शुक्ल एकादशी पर्यन्त धर्मपरायण तपस्वी
लोग चातुर्मास्य व्रतादि नियमों का पालन करेंगे । श्रावण, भाद्रपद, आश्विन और कार्तिकमासमें जलशायी जगदीश्वर भगवान् का पूजन करे तथा नमकरहित अन्न भोजन करे। व्रत समाप्त होनेपर श्रेष्ठ ब्राह्मणको भक्तिपूर्वक दान दे। जौ, धान्य, शय्या, वस्त्र तथा सुवर्ण दक्षिणामें दे । जो मनुष्य एकाग्रचित हो इस प्रकार …
श्रीजगन्नाथजीका जो लोग भक्तिपूर्वक दर्शन करते हैं, उनका भगवान्के धाममें निवास होता है। जिनके नामका संकीर्तन करनेमात्रसे सौ जन्मोंका पाप नष्ट हो जाता है, रथमें स्थित हो महावेदीकी ओर जाते हुए उन पुरुषोत्तम श्रीकृष्ण, बलभद्र और सुभद्राजीका दर्शन करके मनुष्य अपने करोडों जन्मोंके पापोंका नाश कर लेता है ….