शीतलाष्टमी (बसौडा) - चैत्र कृष्ण अष्टमी

यह व्रत चैत्र कृष्ण अष्टमी या चैत्रमासके प्रथम पक्षमें होलीके बाद पडनेवाले पहले सोमवार अथवा गुरुवारको किया जाता है। इस व्रत को करनेसे व्रतीके कुलमें दाहज्वर, पीतज्वर, विस्फोटक, दुर्गन्धयुक्त फोडे, नेत्रोंके समस्त रोग, शीतलाकी फुंसियोंके चिन्ह तथा शीतलाजनित दोष दूर हो जाते हैं। इस व्रत को करनेसे शीतला देवी प्रसन्‍न होती है।

छठ पूजा - सूर्य षष्ठी

छठ पूजा - सूर्य षष्ठी Chhath Puja - Surya Shashthi : Saturday, 24 October 2009 कार्तिक मास की शुक्ल पक्ष की षष्ठी को सूर्य षष्ठी का व्रत करने का विधान है । इसे करने वाली स्त्रियाँ धन-धान्य, पति-पुत्र तथा सुख-समृद्धि से परिपूर्ण रहती हैं। यह व्रत बडे नियम तथा निष्ठा से किया जाता है। इसमे तीन दिन के कठोर उपवास का विधान है । इस व्रत को करने वाली स्त्रियों…

Ahoi Ashtami Vrat Puja अहोई अष्टमी कथा

The Ahoi festival or अहोई अष्टमी Ahoi Ashtami is a fast observed by mothers for the well-being of their sons. The Ahoi Ashtami is usually celebrated in कार्तिक Karthik month. जिस वार को दीपावली होती है, अहोई आठें भी उसी वार की पडती है। This year, Ahoi Ashtami on Sunday, 11 October 2009. Story अहोई अष्टमी कथा ..

करवा चौथ व्रत - संकल्प, विधान,कथा और उजमन

Karwa Chauth Katha, Vrat Vidhan : एक पट्‍टे पर जलसे भरा लोटा एवं एक करवे में गेहूं भरकर रखते हैं। दीवार पर या कागज पर चन्द्रमा उसके नीचे शिव-पार्वती तथा कार्तिकेयकी चित्रावली बनाकर पूजा की जाती है । कथा सुनते हैं। इस दिन निर्जल व्रत किया जाता है । चन्द्रमा को देखकर अर्घ्य देते हैं फिर भोजन करते हैं।….

Navratri Vrat & Puja

देवी का आवाहान, स्थापन और विसर्जन - ये तीनो प्रातःकालमें होते हैं । यदि नवरात्रपर्यन्त व्रत रखनेकी सामर्थ्य न हो तो (१) प्रतिपदासे सप्तमीपर्यन्त ‘अप्तरात्र’ (२) पंचमीको एकभुक्त, षष्ठीको नक्तव्रत, सप्तमी अयाचित, अष्टमीको उपवास और नवमीके ारणसे ‘पंचरात्र’ (३) सप्तमी, अष्टमी और नवमीके एकभुक्त व्रतसे ‘त्रिरात्र’ (४) आरम्भ और समाप्तिके दो व्रतोंसे ‘युग्मरात्र’ और…