रक्षा-बन्धन (Rakhi) Mantra & Muhurta: Sat, 13 Aug 2011

Auspicious Time for Raksha Bandhan Sat, 13 August 2011

Shravan Purnima श्रावण पूर्णिमा के दिन भद्रारहित काल में रक्षा बन्धन पर्व मनाने की परम्परा है। रक्षा-बन्धन के विषय में संक्रान्ति दिन एवं ग्रहणपूर्व काल का विचार नहीं किया जाता है।

यधपि भद्राकाल BhadraKaal में रक्षाबन्धन करना शुभ नहीं माना जाता है, परन्तु शास्त्रवचनानुसार आवश्यक परिस्थितिवश भद्रा को मुख छोड़कर शेषभाग में विशेषकर (भद्रापुच्छ) काल में रक्षाबन्धन कार्य करना शुभ होगा । भद्रा सुबह या शाम पड़ जाए तो इस काल में राखी नहीं बांधी जाती। मान्यता है कि रावण ने अपनी बहन सूर्पनखा से भद्रा के दौरान राखी बंधवाई थी इसलिए एक साल के भीतर ही उसका अंत हो गया। इसलिए भद्रा में राखी नहीं बांधनी चाहिए।

रक्षा-बंधन (सूत्र) मंत्र Raksha Bandhan (Rakhi Mantra)

येन बद्धो बलि राजा, दानवेन्द्रो महाबल: |
तेन त्वांमनुबध्नामि, रक्षे मा चल मा चल ||
राखी बांधते समय उपरोक्त मंत्र का उच्चारण करना विशेष शुभ माना जाता है | इस मंत्र में कहा गया है कि जिस रक्षा डोर से महान शक्तिशाली दानव के राजा बलि को बांधा गया था, उसी रक्षाबंधन से में तुम्हें बांधती हूं यह डोर तुम्हारी रक्षा करेगी |

Auspicious Time :- Saturday, 13 August, 2011 :  रक्षाबन्धन हेतु 07:44 Hrs to 08:59 Hrs IST का समय श्रेष्ठ होगा। Please note: for Rakhi Celebration – afternoon time is more auspicious than morning hours. भद्रा मुख (Bhadra-Mukh) Time :  from 8:59 Hrs to 11:04 Hrs IST  (Strictly Avoid) भद्राकाल (Bhadra) until 12:07 PM IST of 13 August 2011

Most Auspicious Time :  13.50 Hrs (IST) to 16.29 Hrs (IST) भद्रारहित काल

Happy Raksha Bandhan

Astrology Service

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