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Hanuman Jayanti : संकट मोचन नाम तिहारो

`हनुमान जयंती’ Hanuman Jayanti 2014 – According to religious almanacs (panchang) the birthday of Hanuman falls on the fourteenth day (chaturdashi) in the dark fortnight of the month of Ashvin while according to others it falls on the full moon day in the bright fortnight of Chaitra.चैत्र सुदी पूर्णिमा के दिन ही हनुमान जयंती मनाते हैं । अंजनीको भी दशरथकी रानियोंके समान तपश्चर्याद्वारा पायस (चावलकी खीर, जो यज्ञ-प्रसादके तौरपर बांटी जाती है) प्राप्त हु‌ई थी व उसे खानेके उपरांत ही हनुमानका जन्म हु‌आ था । उस दिन चैत्रपूर्णिमा थी, जो `हनुमान जयंती’ Hanuman Jayanti के तौरपर मना‌ई जाती है ।

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Akshaya Tritiya (अक्षय तृतीया – आखा तीज) : Parshuram Jayanti

Shri Parshuram Jayanti : Thu, 1 May, 2014 | Aakha Teej (Akshaya Tritiya) : Fri, 2 May 2014. Akshaya Tritiya, also known as “Akha Teej”, is traditionally the birthday of Lord Parasurama, the sixth incarnation of Lord Vishnu. People conduct special Pujas on this day, bathe in holy rivers, make a charity, offer barley in a sacred fire, and worship Lord Ganesha & Devi Lakshmi on this day.

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Kumari Kanya Pujan -Why Worship Virgin Girl?

Every year Hindus enthusiastically observe a nine day Navratra (Nine Holy Nights). This nine day period is dedicated to Goddess Durga, whose nine dimensions are celebrated one each day. It is a nine day stretch when a devotee sticks religiously to vegetarian diet…

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Nav Durga

Durga Mahashtmi-Chandi Homam : Havan Samagri & Vidhi

Mahachandi Hawan – नवरात्रों में पूजा के साथ साथ देवी के निमित्त हवन करने का विशिष्ट महत्व है और सर्वकामना पूरक माना जाता है इस हवन को | यद्धपि अधिकांश परिवारों में जलते हुए कंडे पर लौंग के जोड़े, गुग्गल, घी और हवन सामग्री डालकर ही देवी की ज्योति जलाई जाती है |

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रामनवमी : Jai Siya Ram, Jai Jai Shri Ram

Ram Navami : 8 April 2014 || मंगल भवन अमंगल हारी, दॄवहुसु दशरथ अजिर बिहारि ॥ चैत्र शुक्ल नवमी का धार्मिक दृष्टि से विशेष महत्व है। आज ही के दिन तेत्रा युग में रघुकुल शिरोमणि महाराज दशरथ एवं महारानी कौशल्या के यहाँ अखिल ब्रम्हांड नायक अखिलेश ने पुत्र के रूप में जन्म लिया था। रामजन्म के कारण ही चैत्र शुक्ल नवमी को रामनवमी कहा जाता है। रामनवमी के दिन ही गोस्वामी तुलसीदास ने रामचरित मानस की रचना का श्रीगणेश किया था। Ram Navami is commemorated in Hindu households by puja (prayer).

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ghatsthapan

Chaitra Navratra 2014 – Ghatsthapan Muhurta for World Cities

Chaitra (Basant) Navratri Ghatsthapan Muhurta for International Cities Navratra Kalash Sthapan – Ghatsthapan Auspicious Time on Mon, 31 March 2014 Note: 1. Alternatively you can start Navratri Puja during Abhijit Muhurta within Pratipada Tithi. 2. It is highly advisable to perform Ghatsthapana Puja within Pratipada Tithi. 3. If possible, Skip Rahu Kal of the day.

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शीतलाष्टमी (बसौडा) – चैत्र कृष्ण अष्टमी

यह व्रत चैत्र कृष्ण अष्टमी या चैत्रमासके प्रथम पक्षमें होलीके बाद पडनेवाले पहले सोमवार अथवा गुरुवारको किया जाता है। इस व्रत को करनेसे व्रतीके कुलमें दाहज्वर, पीतज्वर, विस्फोटक, दुर्गन्धयुक्त फोडे, नेत्रोंके समस्त रोग, शीतलाकी फुंसियोंके चिन्ह तथा शीतलाजनित दोष दूर हो जाते हैं। इस व्रत को करनेसे शीतला देवी प्रसन्‍न होती है।

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Ghatasthapana कलश स्थापना – Mon, 31 March 2014 (9:22am to 10:53am IST)

GhatSthapan – Kalashsthapana Subh Muhurta : The first day of Navratra is called Ghatasthapana, which literally means pot establishing. On this day the kalash, (holy water vessel) symbolising Goddess Durga often with her image embossed on the side is placed in the prayer room. The kalash is filled with holy water and covered with cowdung on to which….

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Chaitra Navratri 2014 – चैत्र (वासन्ती) नवरात्र

Chaitra Navratri 2014 (Ghatsthapana) : Mon, 31 March घटस्थापनका समय ’ प्रातःकाल ’ है । वर्ष के चार नवरात्रों में दो मुख्य चैत्र और आश्विन के नवरात्र हैं। इनमें भी चैत्र नवरात्र की अपनी विशिष्टता और महत्ता है। इसकी विशिष्टता का कारण इस अवधि में सूक्ष्म वातावरण में दिव्य हलचलों का होना है। ये चैत्र, आषाढ़, आश्विन और माघकी शुक्ल प्रतिपदासे नवमीतक नौ दिनके होते हैं; परंतु प्रसिद्धिमें चैत्र और आश्विनके नवरात्र ही मुख्य माने जाते हैं । इनमें भी देवीभक्त आश्विनके नवरात्र आधिक करते हैं । इनको यथाक्रम वासन्ती और शारदीय कहते हैं । इनका आरम्भ चैत्र और आश्विन शुक्ल प्रतिपदाको होता है । अतः यह प्रतिपदा ’ सम्मुखी ’ शुभ होती है ।

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होली और होलिका दहन : Holika Dahan Muhurta 2014

Holika Dahan होलिका दहन 2014 – फागुन शुक्ल अष्टमी से पूर्णिमा तक आठ दिन होलाष्टक मनाया जाता है । इसी के साथ होली उत्सव मनाने की शुरु‌आत होती है। होलिका दहन की तैयारी भी यहाँ से आरंभ हो जाती है। इस पर्व को नवसंवत्सर का आगमन तथा वसंतागम के उपलक्ष्य में किया हु‌आ यज्ञ भी माना जाता है। वैदिक काल में इस होली के पर्व को नवान्नेष्टि यज्ञ कहा जाता था। पुराणों के अनुसार ऐसी भी मान्यता है कि जब भगवान शंकर ने अपनी क्रोधाग्नि से कामदेव को भस्म कर दिया था, तभी से होली का प्रचलन हु‌आ।

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